jansankhya vriddhi ke karan । जनसंख्या वृद्धि के कारण

प्रिय पाठकों नमस्कार ! आज के इस लेख में हम जानेंगे की जनसंख्या वृद्धि के कारण क्या क्या हैं । भारतीय जनसंख्या भौगोलिक अध्ययन का एक महत्वपूर्ण टॉपिक है जिसके बारे में हम आज जानेंगे । हम जानते हैं कि, राष्ट्रीय विकास में जनसंख्या का अपना अलग ही महत्व है। तो चलिए अब यह पोस्ट शुरू करते हैं और विस्तार से समझते हैं कि जनसंख्या वृद्धि के कारण क्या क्या है। jansankhya vriddhi ke karan

जनसंख्या वृद्धि के कारण

jansankhya vriddhi ke karan – भारत में वृद्धि के कारण हमारे यहां जनसंख्या वृद्धि के निम्नलिखित कारण हैं-

  • जन्म एवं मृत्यु दर
  • बाल विवाह की प्रथा
  • जीवन प्रत्याशा का बढ़ना
  • विवाह एवं सन्तान प्राप्ति की अनिवार्यता
  • प्रवास
  • शिक्षा का अभाव
  • स्वास्थ्यवर्धक मनोरंजनों का अभाव
  • परिवहन के साधनों में वृद्धि
  • अन्य कारण।

1. जन्म एवं मृत्यु दर – किसी भी देश में जनसंख्या के प्रति हजार व्यक्तियों के पीछे एवं वर्ष की अवधि में जन्म लेने वाले जीवित बच्चों की संख्या को जन्म दर कहते हैं। 1981 में जन्म दर 33.8 प्रति हजार रहो। ऐसा अनुमान है कि 1981 से 1991 के मध्य जन्म दर घटी है। वर्तमान में जन्म दर 26.1 प्रति हजार है। भारत में लगातार स्वास्थ्य सुधार के कारण मृत्यु दर में भी तेजी से कमी आयी है। 1891 तथा 1901 में यह दर 41 एक 49 थी जो निरन्तर गिरकर 12 रह गयी। 1981 में मृत्यु दर 12.5 थी। वर्तमान में मृत्यु दर 8.7 प्रति हजार रह गयी। 

2. बाल विवाह की प्रथा – भारत में विवाह परम्परा, धर्म एवं पारिवारिक कारणों से अनिवार्य है। हमारे यहां 1947 से पूर्व तो लड़की की विवाह की औसत आयु मात्र 12-13 वर्ष ही थी। एक भारतीय स्त्री 15 से 45 वर्ष की आयु में 5 से 6 बच्चों की मां बन जाती है। आज भी गांवों में प्रतिवर्ष छोटे-छोटे बच्चे-बच्चियों की शादी कर दी जाती है।

3. जीवन प्रत्याशा का बढ़ना – जन्म दर तथा मृत्यु दर के अन्तर को प्राकृतिक वृद्धि दर कहा जाता है। हमारे यहाँ स्वास्थ्य सुविधा एवं भरण-पोषण की सुविधाओं से सेवाओं में काफ़ी वृद्धि हुई है इससे मृत्यु दर में कमी आयी है और जीवन प्रत्याशा बढ़ गयी। 1921 मैं जीवन प्रत्याशा का औसत 20 वर्ष था जो 1991 में बढ़कर 59 वर्ष हो गयी और वर्तमान में 62 वर्ष है।

4. विवाह एवं सन्तान प्राप्ति की अनिवार्यता- हमारे यहां सभी यूवक व युवतियों के विवाह की प्रथा और साथ ही संतान उत्पत्ति को धार्मिक एवं सामाजिक दृष्टि से आदरपूर्ण माना जाता है।

5. प्रवास – प्रवास का भी जनसंख्या की वृद्धि दर पर प्रभाव पड़ता है। भारत में जनसंख्या वृद्धि दर पर प्रवास का कम प्रभाव देखा गया है। वस्तुतः हमारे यहां प्रवासी जनसंख्या बहुत कम है। हमारे यहां अधिकांश प्रवास देश के एक भाग से दूसरे भाग को होता है। जिसका देश की कुल जनसंख्या पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।

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6. शिक्षा का अभाव- भारतीय लोगों में शिक्षा का अभाव है। अशिक्षा के कारण लोग अन्ध विश्वासों में विश्वास करते हैं। अधिकांश व्यक्तियों का विश्वास है कि ‘सन्तान प्रभु की देन है इसमें हमारा कोई | दायित्व नहीं’ फलतः बच्चों की संख्या बढ़ती जाती है। परिवार नियोजन कार्यक्रम अशिक्षा के कारण पूर्ण रूप से निम्न वर्ग एवं मध्यम वर्ग में अभी तक नहीं अपना सका है।

7. स्वास्थ्यवर्धक मनोरंजनों का अभाव- देश में अभी तक सस्ते और स्वास्थ्यवर्धक मनोरंजनों के साधनों का अभाव पाया जाता है। अतः निर्धन एवं अशिक्षित वर्ग में सन्तानोत्पत्ति की भावना को ही अधिक बल मिलता है।

8. परिवहन के साधनों में वृद्धि – परिवहन के साधनों की वृद्धि से अकाल व महामारियों के प्रकोप में भी बहुत कमी आयी है जिससे जनसंख्या वृद्धि में सहायता मिली है।

9. अन्य कारण – हमारे देश में जनसंख्या वृद्धि के अन्य कारण हैं, जैसे- गरीबी, निम्न जीवन स्तर, संयुक्त परिवार प्रथा तथा धार्मिक कारण, जिससे जनसंख्या वृद्धि में सहायता मिल रही है।

NOTE – यहां पर दिए गए जनसंख्या के आंकड़े 2001 की जनगणना के अनुसार दिए गए हैं।

FAQ’s

1. जनसंख्या वृद्धि का मुख्य कारण क्या है?

चिकित्सा सेवाओं में वृद्धि, कम आयु में विवाह, निम्न साक्षरता, परिवार नियोजन के प्रति विमुखता, गरीबी और जनसंख्या विरोधाभास आदि ने जनसंख्या बढ़ाने में योगदान किया है।

2. 2023 में भारत की कुल जनसंख्या कितनी है?

संयुक्त राष्ट्र की विश्व जनसंख्या रिपोर्ट के अनुसार, एक जुलाई, 2023 को भारत की आबादी 1.429 अरब हो जायेगी, जो चीन से लगभग 30 लाख, (2.9 मिलियन) अधिक होगी.

3. जनसंख्या वृद्धि के प्रमुख कारण बताइए ?

जनसंख्या वृद्धि के प्रमुख कारणों के बारे में आपको इस पोस्ट में बताया गया है ।

निष्कर्ष –

आशा करता हूं कि यह जानकारी आपको अच्छी लगी होगी और अब आप जान गए होंगे कि जनसंख्या वृद्धि के प्रमुख कारण क्या क्या है। jansankhya vriddhi ke karan अगर आपको इस पोस्ट से रिलेटेड कोई समस्या हो या कोई शब्द समझ में नहीं आया हो तो हमे कमेंट करके जरूर बताएं हम आपकी मदद जरूर करेंगे। एसी ही एजुकेशन से भरी जानकारी जानने के लिए हमारे ब्लॉग को सब्सक्राइब जरूर करें। धन्यवाद

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